Ayodhya Ram Mandir Chadhawa Chori Case अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। शुक्रवार सुबह अयोध्या पुलिस उसे जिला जेल से लेकर प्रतापगढ़ रवाना हुई। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान की बरामदगी हो सकती है।
प्रतापगढ़ में होगी पूछताछ
पुलिस के अनुसार, अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ का निवासी है और अयोध्या में किराए के मकान में रहकर राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का कार्य करता था। जांच के दौरान उसके कमरे से करीब 20 लाख रुपये नकद, 1000 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण और ‘रामराज कोष’ लिखा एक बक्सा बरामद किया गया था।
पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस प्रतापगढ़ और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि चढ़ावे से जुड़े कीमती सामान अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए हो सकते हैं।
SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों को फिर बुलाया
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों से बैंक खातों का विवरण, मंदिर कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इससे पहले SIT दोनों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। अब जांच एजेंसी दस्तावेजों का मिलान कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई की तैयारी
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मामले के अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के मकानों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि लवकुश मिश्रा की पत्नी के नाम नोटिस जारी किया गया है।
हालांकि, उनकी पत्नी ने नोटिस मिलने से इनकार करते हुए कहा है कि उनके मकान का नक्शा विधिवत स्वीकृत है और उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं है।
भाजपा और सपा आमने-सामने
भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने कहा कि SIT निष्पक्ष जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे का एक-एक पैसा वापस लाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
जांच का अगला चरण अहम
फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर संभावित बरामदगी, बैंक लेन-देन, चढ़ावे के रिकॉर्ड और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही हैं। साथ ही SIT ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

