नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश सरकार के हरियाली महोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान के बीच नर्मदापुरम से एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है। जिला पंचायत कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जहां प्रभारी एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे थे, वहीं कार्यक्रम स्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक हरे-भरे अशोक के पेड़ को कुल्हाड़ी से काटा जा रहा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में एक ओर मंत्री पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने पर संबोधित करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पेड़ की कटाई होती नजर आ रही है। इस दृश्य को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं।
नगर पालिका के नियमों के अनुसार किसी भी हरे-भरे पेड़ की कटाई के लिए उद्यान शाखा से पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होती है। आरोप है कि इस मामले में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई। हालांकि जिला पंचायत कार्यालय प्रशासन का कहना है कि पेड़ झुक गया था और रास्ते में बाधा बन रहा था, इसलिए उसे हटाया गया।
मामले का वीडियो वायरल होने के बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हिमांशु जैन ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब करते हुए लापरवाही पर नाराजगी जताई है।
फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि पेड़ की कटाई नियमानुसार की गई थी या बिना अनुमति कार्रवाई की गई।

