इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। विकास नगर निवासी मजदूर राजेंद्र करोले गैस सिलेंडर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और आरोप लगाया कि उन्हें गैस की बजाय पानी से भरा सिलेंडर सप्लाई कर दिया गया। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई।
राजेंद्र करोले ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले छाया गैस एजेंसी से इंडियन गैस का सिलेंडर लिया था। घर पहुंचने पर सिलेंडर का उपयोग करने की कोशिश की गई तो उसमें गैस नहीं निकली। जांच करने पर पता चला कि सिलेंडर में गैस की जगह केवल पानी भरा हुआ था।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में गैस एजेंसी के अधिकारियों से शिकायत की तो समस्या का समाधान करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें एजेंसी से भगा दिया गया।
उन्होंने बताया कि कई दिनों तक एजेंसी और संबंधित अधिकारियों से सिलेंडर बदलने की मांग की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर वे गैस सिलेंडर लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
मामले पर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल खाद्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुट गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सिलेंडर में पानी कैसे पहुंचा और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

