उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया फर्जी दर्शन पास लेकर मंदिर में प्रवेश करने पहुंच गया। हालांकि, प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से उसकी कोशिश नाकाम हो गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस के अनुसार, युवक ने कथित रूप से AI टूल की सहायता से नकली दर्शन पास तैयार किया था और उसी के आधार पर मंदिर में प्रवेश का प्रयास किया। सुरक्षा गार्ड को पास संदिग्ध लगा, जिसके बाद उसकी जांच की गई और युवक को प्रवेश देने से रोक दिया गया।
पूछताछ के बाद युवक ने सामान्य कतार से महाकाल के दर्शन किए। पुलिस का कहना है कि इस घटना में किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन AI की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करना गंभीर और दंडनीय अपराध है।
पुलिस ने संबंधित युवक से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल फर्जी दर्शन पास, पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज बनाने के लिए न करें। ऐसा करना कानून का उल्लंघन है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। प्रवेश द्वार पर दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है ताकि किसी भी व्यक्ति को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मंदिर में प्रवेश न मिल सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

