सख्त तेवर देख अधिकारी-कर्मचारियों में मचा खलबली, प्रशासन का साफ संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बलरामपुर,
बलरामपुर में आग लगने की एक घटना के बाद जिला प्रशासन ने ऐसा सख्त कदम उठाया कि पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय के समीप एक मकान में आग लगने के दौरान अग्निशमन विभाग की कथित लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी थी, लेकिन अग्निशमन वाहन घटनास्थल पर विलंब से पहुंचा। मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति और गंभीर तब हो गई, जब वाहन में आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं होने की बात सामने आई। इसके चलते पहले वाहन में पानी भरने की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे आग पर समय रहते काबू पाने में देरी हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लिया और जिला सेनानी नगर सेना को तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता मानते हुए फायर इंचार्ज संजय पटेल, सैनिक राजेंद्र प्रसाद, सैनिक बुद्धिनारायण दुबे, पंप ऑपरेटर सह वाहन चालक फासिस जेवियर तथा फायरमैन सुनीन एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बताया गया कि सभी के विरुद्ध होमगार्ड अधिनियम की धारा 13 एवं नियम 12 के तहत कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अन्य विभागों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि आपदा और आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

