एक ही मांग—दोषियों को फांसी, नहीं तो देशभर में छिड़ेगा आर-पार का आंदोलन!
चंद्रिका कुशवाहा, सूरजपुर/कोरिया
कोरिया जिले के नौगई (सोनहत) में हुए बहुचर्चित हत्याकांड को लेकर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर उठने लगी है। इसी क्रम में क्षत्रिय करणी सेना एवं क्षत्रिय समाज महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारी गुजरात और दिल्ली से छत्तीसगढ़ पहुंचे। मनेंद्रगढ़ में समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया, जिसके बाद न्याय की मांग को लेकर विशाल वाहन रैली बैकुंठपुर होते हुए नौगई के लिए रवाना हुई।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष संगीता सिंह तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेसवार्ता में कहा कि नौगई की घटना अत्यंत दुखद और मानवता को झकझोर देने वाली है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा, समुचित आर्थिक सहायता तथा मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषियों को शीघ्र कड़ी सजा नहीं मिली तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा।
मनेंद्रगढ़ से शुरू हुई न्याय यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोग अपने-अपने वाहनों के साथ शामिल होते गए। देखते ही देखते काफिला 80 से अधिक वाहनों का हो गया। चरचा, खरवत सहित कई स्थानों पर समाजजनों ने काफिले का स्वागत कर न्याय आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इस दौरान मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर, बिजुरी, कोतमा, भालूमाड़ा, जेकेडी, लेदरी, जनकपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
नौगई पहुंचकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि कानून के प्रति जनता के विश्वास और सामाजिक न्याय का भी प्रश्न है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। फिलहाल पूरे मामले में लोगों की नजर प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

