हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड में बड़ा न्यायिक मोड़, सेशन कोर्ट ने 10 आरोपियों का बॉन्ड खारिज किया, फरार आरोपियों की तलाश तेज
चंद्रिका कुशवाहा ,सूरजपुर
बहुचर्चित भाजपा नेता हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड में बुधवार को न्यायिक प्रक्रिया ने बड़ा मोड़ ले लिया। सेशन कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पहले से राहत प्राप्त 10 आरोपियों का बॉन्ड निरस्त करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं पुलिस को फरार आरोपियों की तलाश तेज करने और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला शुरू से ही पूरे प्रतापपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने अब तक 14 लोगों के विरुद्ध हत्या, अपहरण सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। शुरुआती दौर में गिरफ्तार 10 आरोपियों को निचली अदालत से बॉन्ड पर राहत मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। मामला लगातार जनचर्चा और सोशल मीडिया में बना रहा।
बुधवार को सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 10 आरोपियों का बॉन्ड खारिज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया। इस फैसले को मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मृतक हरिनंदन राजवाड़े के परिजनों ने शुरू से निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अभी चार आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। साथ ही जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। जरूरत पड़ने पर आगे और लोगों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
सेशन कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर पूरे क्षेत्र की नजर इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच पर टिक गई है। लोगों को उम्मीद है कि फरार आरोपी भी जल्द गिरफ्तार होंगे और जांच पूरी होने के बाद दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।


