रायपुर
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य दोषी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले के चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है। अदालत के इस फैसले के बाद प्रदेशभर में चर्चित इस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं।
अदालत ने 8 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोषियों को सजा सुनाई। मृत्युदंड पाने वालों में कुलदीप साहू के अलावा फूल सिंह उर्फ रिंकू और चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके चौधरी शामिल हैं। वहीं, सजा सुनाए जाने के बाद कुलदीप साहू के चेहरे पर तनाव दिखाई देने की बात जेल प्रशासन के हवाले से सामने आई है। ज्ञात हो कि इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन आईजी अंकित गर्ग की बेहतरीन मॉनिटरिंग में आरोपियों को सजा मिल सकी है वही बलरामपुर जिले के एसपी वैभव बैंकर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी दर्शल फरार चल रहे आरोपी कुलदीप साहू को खुद बलरामपुर एसपी ने एसपी कार्यालय के सामने ही एक बस से गिरफ्तार किया था।
अंबिकापुर से रायपुर जेल भेजने की तैयारी
मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद मुख्य दोषी कुलदीप साहू को अंबिकापुर केंद्रीय जेल से रायपुर केंद्रीय जेल स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। जेल प्रशासन के अनुसार, आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, मृत्युदंड के मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
13 अक्टूबर 2024 को हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
यह मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के सामने आने के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण न्यायालय तक पहुंचा।
अभियोजन के अनुसार, वारदात में महिला के साथ दुष्कर्म भी किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई।
चार दोषी करार, तीन को मृत्युदंड
विशेष न्यायालय ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद चार आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद 8 अक्टूबर को सजा का ऐलान किया गया। न्यायालय ने तीन दोषियों को मृत्युदंड और चौथे दोषी को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। मृत्युदंड की पुष्टि और संबंधित अपीलीय प्रक्रिया के बाद ही सजा के अंतिम क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी। इस फैसले को सूरजपुर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

