बलरामपुर,
जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन और साफ-सफाई का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लंबे समय से अनुपस्थित लिपिक और विद्यार्थियों की कम उपस्थिति वाले विद्यालय के प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
माध्यमिक शाला धनादोहर में कम मिली विद्यार्थियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला राजकुमारीनटोला में 13 में से 11 विद्यार्थी उपस्थित मिले। प्राथमिक शाला धनगांव में सभी 20 विद्यार्थी उपस्थित थे, जबकि माध्यमिक शाला धनगांव में 18 में से 13 विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे थे। प्राथमिक शाला धनादोहर में 31 में से 20 तथा माध्यमिक शाला धनादोहर में 69 में से केवल 31 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने माध्यमिक शाला धनादोहर के प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
अगस्त 2025 से अनुपस्थित लिपिक को नोटिस
शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय तातापानी में निरीक्षण के दौरान 348 छात्राएं उपस्थित मिलीं। यहां पदस्थ लिपिक देवनारायण राम अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा। वहीं, विद्यालय की छात्राओं ने साइकिल स्टैंड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। डीईओ ने इस संबंध में आवश्यक विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कहीं व्यवस्था संतोषजनक, कहीं सुधार के निर्देश
प्राथमिक शाला नेहरूनगर में मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं, प्राथमिक शाला धनगांव में परिसर की स्वच्छता में सुधार करने के निर्देश दिए गए। डीईओ ने सभी विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने पर जोर दिया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने विद्यालयों में बच्चों के हाथ और नाखूनों की नियमित सफाई, कक्षाओं की स्वच्छता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और नियमित उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के स्कूलों में व्यवस्था सुधारने के लिए औचक निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

