पति की मौत के बाद शुरू हुआ संघर्ष… अब पैतृक जमीन के लिए पहुंची कलेक्टर दरबार..
चंद्रिका कुशवाहा , सूरजपुर
पति के निधन के बाद चार बच्चों का पालन-पोषण कर रही विकासखंड प्रतापपुर के ग्राम सेमराकला की एक विधवा महिला ने पैतृक संपत्ति में अपने वैधानिक अधिकार की मांग को लेकर कलेक्टर सूरजपुर को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने मामले की निष्पक्ष जांच कर विधिसम्मत बंटवारा कराने तथा उसे और उसके बच्चों को उनका कानूनी हिस्सा दिलाने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, ग्राम सेमराकला निवासी बाबी मानीकपुरीके पति स्वर्गीय अकालू मानीकपुरी का वर्ष 2015 में निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। वर्तमान में वह मजदूरी कर अपने चार बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि पति के हिस्से की पैतृक भूमि उन्हें मिल जाए तो वह खेती कर अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर सकती हैं।
महिला ने आरोप लगाया है कि पैतृक भूमि के बंटवारे के दौरान उन्हें और उनके बच्चों को वैधानिक हिस्सेदारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि संबंधित भूमि पर उनके भसुर परसोत्तम ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना कब्जा कर लिया तथा उन्हें उनके अधिकार से वंचित कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच प्रशासन द्वारा की जानी बाकी है।
पीड़िता के अनुसार, उन्होंने पहले गांव स्तर पर आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद उन्होंने राजस्व विभाग और तहसील कार्यालय में भी कई बार आवेदन दिए, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ। महिला का यह भी आरोप है कि उन पर जमीन में अपने अधिकार का दावा छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनका परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है।
कलेक्टर को सौंपे आवेदन में महिला ने मामले की शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, पैतृक भूमि का सीमांकन कर विधिसम्मत बंटवारा कराने, प्रकरण के अंतिम निराकरण तक संबंधित भूमि की बिक्री, खेती, हस्तांतरण एवं अन्य लेन-देन पर रोक लगाने तथा उन्हें और उनके बच्चों को कानून के अनुसार उनका वैधानिक अधिकार दिलाने की मांग की है।
अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। प्रशासन द्वारा जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

