सूरजपुर : रात 11 बजे के बाद मची चीख-पुकार, गांव में पसरा सन्नाटा! एक बाइक पर सवार चार युवक बने दर्दनाक हादसे का शिकार, तीन की मौत, एक गंभीर, पूरे इलाके में शोक और आक्रोश, गुस्साए ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, वाहन में लगाई आग

चंद्रिका कुशवाहा ,सूरजपुर
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में शनिवार देर रात हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे चार युवकों की बाइक सड़क किनारे खड़े मक्का लोड ट्रक से जा टकराई। हादसा इतना भयावह था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन में आगजनी कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में रूपचंद पैकरा (18 वर्ष), रवि पैकरा (16 वर्ष) और ओमप्रकाश पैकरा (15 वर्ष) शामिल हैं, जबकि अरमान पैकरा (17 वर्ष) गंभीर रूप से घायल है। सभी युवक प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बैकोना निवासी बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि चारों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गृह ग्राम बैकोना से ग्राम खजूरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रात लगभग 10 से 11 बजे के बीच जब वे ग्राम पंचायत रामपुर के मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी सड़क किनारे खड़े मक्का लोड ट्रक से उनकी बाइक पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक हादसे ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चार युवक एक ही बाइक पर सवार थे, जो स्वयं यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन है। वहीं सड़क किनारे खड़े भारी वाहन की सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त संकेतक नहीं होने की बात भी सामने आ रही है। यदि वाहन के पीछे रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत या अन्य सुरक्षा इंतजाम होते तो संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तीन युवकों की सांसें थम चुकी थीं। घायल अरमान पैकरा को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
एक ही गांव के तीन युवाओं की असामयिक मौत की खबर फैलते ही बैकोना गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन घरों से बच्चे शादी की खुशियों में शामिल होने निकले थे, वहां कुछ ही घंटों बाद मातम छा गया।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश भी फूट पड़ा। बताया जा रहा है कि लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को लेकर विरोध जताया और आगजनी जैसी घटना को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित किया।

यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की अहमियत को उजागर करता है। ओवरलोडिंग, एक बाइक पर कई सवारियां, रात के समय लापरवाही और सड़क किनारे असुरक्षित खड़े भारी वाहन आज भी सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बने हुए हैं। तीन मासूम जिंदगियों का यूं असमय बुझ जाना पूरे क्षेत्र के लिए ऐसी पीड़ा छोड़ गया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।

