Shiv Sena rebellion : नई दिल्ली। Shiv Sena (UBT) की संसदीय दल की बैठक में बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जहां 9 में से केवल 3 लोकसभा सांसद ही शामिल हुए। बाकी 6 सांसदों की गैरमौजूदगी ने पार्टी में बगावत के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।
सिर्फ 3 सांसद पहुंचे बैठक में
बैठक में Anil Desai, Arvind Sawant और Rajabhau Waje ही मौजूद रहे। वहीं 6 सांसदों के अनुपस्थित रहने से पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।
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अनुपस्थित सांसदों को नोटिस
पार्टी की ओर से बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। यह कदम अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।
संजय राउत का बड़ा आरोप
राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को “किडनैप” किया गया है। उन्होंने बैठक में न आने वाले नेताओं को “गद्दार” तक करार दिया।
बागी सांसदों को Y+ सुरक्षा
इस बीच गृह मंत्रालय द्वारा 6 बागी सांसदों को Y+ श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर Om Birla को पत्र लिखकर शिंदे गुट में शामिल होने की इच्छा जताई है।
दल-बदल कानून से मिल सकती राहत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि 9 में से 6 सांसद अलग होते हैं, तो वे दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बच सकते हैं। इससे यह बगावत और भी अहम हो जाती है।
चार साल में दूसरी बड़ी टूट
शिवसेना में यह पिछले चार सालों में दूसरी बड़ी टूट मानी जा रही है। इससे पहले भी पार्टी में बड़ा विभाजन हो चुका है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह सियासी संकट किस दिशा में जाएगा और इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर क्या पड़ेगा।

