अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे अयोध्या के एक होटल में पुलिस ने नजरबंद कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस ले जाया गया। अजय राय मंगलवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय का घेराव करने वाले थे।
अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से जारी एक वीडियो में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और पुलिस उनके सहयोगियों को भ्रामक जानकारी देकर गुमराह कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अजय राय को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
इस बीच, जिस होटल में अजय राय ठहरे थे, उसके बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
17 साल बाद RMO का तबादला
राम मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। अर्जुन देव चढ़ावा गिनती कक्ष के CCTV और मंदिर परिसर में लगे करीब 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) ने उनकी भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा है।
बताया जा रहा है कि अर्जुन देव वर्ष 2009 से अयोध्या में तैनात थे और इस दौरान उनके कई तबादला आदेश जारी हुए, लेकिन हर बार निरस्त हो गए। हाल ही में उनका लखनऊ तबादला भी रद्द कर दिया गया था।
चंपत राय से तीन घंटे पूछताछ
मामले की जांच कर रही पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। उनसे यह जानकारी ली गई कि उन्हें चढ़ावा चोरी की जानकारी कब और कैसे मिली तथा इसके बाद उन्होंने क्या कदम उठाए।
उधर, अदालत ने चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने SIT से जल्द अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
7 जून को सामने आया था मामला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उसी दिन मंदिर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

