नई सड़क पर पहले पैचवर्क, बाद में उद्घाटन!20 करोड़ की परियोजना सवालों के घेरे में
सुदीप उपाध्याय
करीब आठ वर्ष के लंबे इंतजार के बाद तैयार हुई जिले के वाड्रफनगर बाईपास सड़क उद्घाटन से पहले ही बदहाल होती नजर आ रही है। लगभग 19 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह सड़क निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद कई स्थानों पर उखड़ने लगी है। हालत यह है कि जिस सड़क का फीता तक नहीं कटा, उसकी मरम्मत शुरू करनी पड़ गई। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वाड्रफनगर बाईपास परियोजना को सितंबर 2018 में स्वीकृति मिली थी और अक्टूबर 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। विभागीय जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण की निर्धारित अवधि 18 माह थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम वर्षों तक अधूरा पड़ा रहा। आखिरकार मार्च 2026 में निर्माण कार्य पूरा होने का दावा किया गया। लोगों को उम्मीद थी कि बाईपास शुरू होने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुगम बनेगा। वही मामले में विभाग ने चुपके से कार्य पूरा होने का हवाला देकर अप्रैल 2026 में बाईपास सड़क का हैंडोवर भी कर दिया।हैरानी की बात यह है कि जब पीडब्ल्यूडी के वाड्रफनगर एसडीओ से इस मामले में हमने जानकारी चाहिए तो उन्होंने रिटायर्ड सब इंजीनियर से पक्ष लेने की बात कर डाली।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद इसकी ऊपरी परत कई स्थानों पर उखड़ने लगी। जगह-जगह पैचवर्क और मरम्मत का काम कराया जा रहा है। इससे लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क इतनी जल्दी क्यों खराब हो गई। यदि नई सड़क उद्घाटन से पहले ही मरम्मत मांग रही है तो निर्माण की गुणवत्ता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
धीरेंद्र दुवेदी मंडल अध्यक्ष बीजेपी
मामले को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव और मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र द्विवेदी ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि खर्च होने के बाद भी यदि सड़क टिकाऊ नहीं बन पाई तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि भाजपा सरकार में कार्य पास कराई गई थी बीच में 5 वर्ष कांग्रेस गवर्नमेंट होने के कारण कार्य बाधित रहा है पुनः भाजपा सरकार जब आई है तो कार्य पूरा कराया गया है जहां भी लापरवाही नजर आ रही है उस पर उचित कार्यवाही कराया जाएगा और जल्दी ही नगर वासियों को इसका लाभ दिलाया जाएगा।
वहीं, एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने बताया कि सड़क के जिन हिस्सों में तकनीकी खामियां सामने आई हैं, वहां निर्माण एजेंसी से आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कराई जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क उद्घाटन से पहले ही मरम्मत की मोहताज क्यों हो गई? क्या निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया, या फिर जिम्मेदारों की निगरानी केवल कागजों तक सीमित रही? इन सवालों का जवाब जनता जानना चाहती है।
नीरनिधि नंदेहा एसडीएम
हरिहर प्रशाद यादव कांग्रेस अध्यक्ष

