Divyangjan Loan Scheme : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार की नई ऋण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को बेहद कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा, जिससे वे अपना रोजगार शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने में सक्षम होंगे।
स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत छोटे उद्योग, दुकान, सेवा क्षेत्र, कृषि आधारित व्यवसाय, परिवहन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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अधिकारियों का कहना है कि योजना के माध्यम से दिव्यांगजन अपने कौशल और क्षमता के अनुरूप रोजगार शुरू कर सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और वे समाज की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ पाएंगे।
50 लाख रुपये तक मिलेगा ऋण
योजना के तहत पात्र आवेदकों को उनकी परियोजना और आवश्यकता के अनुसार अधिकतम 50 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा सकेगा। कम ब्याज दर होने से ऋण का भुगतान भी अपेक्षाकृत आसान होगा।
सरकार का मानना है कि कम लागत पर वित्तीय सहायता मिलने से अधिक से अधिक दिव्यांगजन स्वरोजगार की ओर आकर्षित होंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ राज्य के पात्र दिव्यांगजन उठा सकेंगे। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय संबंधी दस्तावेज और प्रस्तावित व्यवसाय से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। संबंधित विभाग पात्रता की जांच के बाद ऋण स्वीकृत करेगा।
योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया संबंधित विभागों एवं अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। इससे वे नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे।
सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना और उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है।

