बलरामपुर। झीरम घाटी कांड को लेकर आए फैसले के बाद कांग्रेस में असंतोष देखने को मिल रहा है। मामले को लेकर बलरामपुर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच और फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव ने कहा कि झीरम कांड की जांच सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले में शामिल बड़े नक्सलियों और कथित साजिशकर्ताओं तक जांच नहीं पहुंच सकी।

हरिहर प्रसाद यादव ने कहा कि जांच के दौरान बड़े आरोपियों को बचाने और साजिशकर्ताओं को जांच के दायरे से बाहर रखने का प्रयास किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि मामले में पहले से जेल में बंद छोटे नक्सलियों को ही आरोपी बनाकर सजा दिलाई गई, जबकि घटना के पीछे मौजूद बड़े चेहरे और साजिशकर्ताओं की भूमिका की पूरी तरह जांच नहीं हुई।
कांग्रेस नेताओं ने झीरम घाटी कांड को प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़ी एक अत्यंत गंभीर घटना बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों और प्रदेश की जनता को पूरी सच्चाई जानने का अधिकार है। पार्टी ने मामले की जांच और जांच एजेंसियों की भूमिका पर पुनः सवाल उठाते हुए सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि झीरम कांड की जांच को लेकर पार्टी आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेगी और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग करेगी।

