अतिथि शिक्षकों की हड़ताल पर सरकार सख्त, 27 जुलाई तक स्कूल लौटने का अल्टीमेटम,
निर्धारित समय सीमा तक ड्यूटी जॉइन नहीं करने पर सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी, शाला प्रबंध समितियों को कार्रवाई के निर्देश
रायपुर,
विद्या मितान शिक्षकों द्वारा नियमितीकरण और संविलियन की मांग को लेकर की जा रही हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक अपने-अपने स्कूलों में वापस लौटकर ड्यूटी जॉइन करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा तक कार्य पर वापस नहीं लौटने वाले अतिथि शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में डीपीआई (लोक शिक्षण संचालनालय) द्वारा आदेश जारी कर शाला प्रबंध समितियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित समय-सीमा तक अपने कर्तव्य पर वापस नहीं आने वाले अतिथि शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।
डीपीआई ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित शाला प्रबंध समिति के माध्यम से की गई थी। ऐसे में उनकी सेवाओं से संबंधित आवश्यक कार्रवाई भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शाला प्रबंध समिति द्वारा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि विद्या मितान शिक्षक नियमितीकरण और संविलियन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। अपनी मांगों को लेकर शिक्षक हड़ताल पर हैं। अब सरकार की ओर से 27 जुलाई तक स्कूलों में वापस लौटने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद इस मामले में आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
सरकार के इस सख्त रुख से हड़ताल कर रहे अतिथि शिक्षकों और शासन के बीच गतिरोध बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। निर्धारित समय सीमा के बाद सरकार और शाला प्रबंध समितियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

