दिल्ली : Brij Bhushan Sharan Singh महिला पहलवान यौन शोषण केस में बरी: नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को सुनाए अपने फैसले में बृजभूषण सिंह और WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया। यह फैसला करीब तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया और 127 सुनवाई के बाद आया।
1133 दिनों तक चला मामला
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। छह महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज कराई थी, हालांकि बाद में एक नाबालिग पहलवान ने अपनी शिकायत वापस ले ली और अपना बयान बदल दिया।
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
कोर्ट के फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण सिंह?
फैसले के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते हुए बृजभूषण सिंह ने हाथ जोड़कर कहा कि आज उनके लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि उन्होंने पहले कहा था कि यदि कोई आरोप साबित हो जाएगा तो वे कठोरतम सजा स्वीकार करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति मिलने के बाद आगे विस्तार से प्रतिक्रिया देंगे।
घर पहुंचने पर समर्थकों ने किया स्वागत
कोर्ट से राहत मिलने के बाद जब बृजभूषण सिंह अपने आवास पहुंचे तो समर्थकों ने फूल बरसाकर और अबीर-गुलाल लगाकर उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।”
बेटे करण भूषण और WFI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
बृजभूषण सिंह के बेटे करण भूषण ने सोशल मीडिया पर लिखा कि साजिश नाकाम हुई और सत्य की जीत हुई। उन्होंने अपने पिता के बाइज्जत बरी होने को न्याय की जीत बताया।
वहीं, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि बृजभूषण सिंह पर लगाए गए आरोप झूठे थे और अदालत के फैसले से पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।

