बलरामपुर
जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रामानुजगंज क्षेत्र के जामवंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने पाठ्य पुस्तकों की कमी, स्मार्ट क्लास के नियमित संचालन नहीं होने और परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की शिकायत को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय का रुख किया।करीब 20 किलोमीटर दूर से अपनी कक्षाएं छोड़कर पहुंचे विद्यार्थियों ने कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
विद्यार्थियों का आरोप है कि स्कूल में हेल्थ केयर और महत्वपूर्ण विषय की पाठ्य पुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। किताबें नहीं मिलने के कारण संबंधित विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही स्कूल में स्मार्ट क्लास की सुविधा भी नियमित रूप से संचालित नहीं होने की शिकायत विद्यार्थियों ने की है।
मोबाइल से पढ़ाई करने की सलाह देने का आरोप
विद्यार्थियों का कहना है कि जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन के समक्ष पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या रखी, तो उन्हें मोबाइल फोन के माध्यम से स्वयं पढ़ाई करने की बात कही गई। इस रवैये को लेकर विद्यार्थियों के साथ पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखी गई।
जिला शिक्षा अधिकारी नहीं मिले,आधे घंटे तक नारेबाजी
अपनी समस्याओं को लेकर विद्यार्थी करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला शिक्षा कार्यालय रामानुजगंज पहुंचे थे। विद्यार्थियों के मुताबिक कार्यालय पहुंचने पर जिला शिक्षा अधिकारी मौजूद नहीं मिले। कार्यालय में बड़े बाबू सहित कुछ कर्मचारी मौजूद थे।
जिम्मेदार अधिकारी के नहीं मिलने पर विद्यार्थियों ने करीब आधे घंटे तक कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। बाद में मामले की जानकारी सहायक संचालक को दी गई। सूचना मिलने के बाद सहायक संचालक कार्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं तथा उनका ज्ञापन लिया।
तीन दिन में समाधान का आश्वासन
सहायक संचालक आशारानी टोप्पो ने विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं का तीन दिवस के भीतर समाधान कराने का आश्वासन दिया है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में पाठ्य पुस्तकों, स्मार्ट क्लास और परीक्षा शुल्क से संबंधित समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो एबीवीपी के नेतृत्व में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
डीईओ पर भी लगाए गंभीर आरोप
मामले को लेकर एबीवीपी ने जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का आरोप है कि जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अपनी समस्याएं लेकर जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचने वाले विद्यार्थियों और अन्य लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब देखना होगा कि विभाग तीन दिवस की तय समय सीमा में विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करता है या नहीं। यदि समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों और एबीवीपी की आंदोलन की चेतावनी शिक्षा विभाग के लिए नई चुनौती बन सकती है।

