चन्द्रिका कुशवाहा छत्तीसगढ़,सूरजपुर : रात के अंधेरे में बांध में क्या हुआ ऐसा कि मच गई चीख-पुकार? 9 लोग नाव पर थे सवार, 6 लौट आए किनारे… लेकिन 3 का अब तक नहीं मिला कोई सुराग
सूरजपुर के बतरा बांध में देर रात हुए हादसे ने बढ़ाई पूरे इलाके की चिंता
चन्द्रिका कुशवाहा, सुरजपुर
जिले के करंजी चौकी क्षेत्र अंतर्गत बतरा इलाके में सोमवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को सकते में डाल दिया है। रात के अंधेरे में बांध में मछली पकड़ने गए नौ ग्रामीणों की नाव अचानक पलट गई, जिसके बाद चीख-पुकार मच गई। हादसे में छह ग्रामीण किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन तीन ग्रामीण गहरे पानी में लापता हो गए। घटना के बाद से परिजनों और ग्रामीणों की निगाहें लगातार बचाव दल के अभियान पर टिकी हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौ ग्रामीण देर रात नाव लेकर बतरा बांध में मछली पकड़ने के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के बावजूद यह समूह बांध में उतरा था। इसी दौरान अचानक नाव असंतुलित हो गई और देखते ही देखते पलट गई। नाव पलटते ही उसमें सवार सभी लोग पानी में जा गिरे। अंधेरी रात और गहरे पानी के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने साहस दिखाते हुए तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफलता हासिल कर ली, लेकिन तीन ग्रामीण पानी की तेज गहराई में लापता हो गए। उनके लापता होने की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। रातभर परिजन और ग्रामीण बांध के आसपास जुटे रहे और किसी चमत्कार की उम्मीद में बचाव कार्य को देखते रहे।
घटना की सूचना मिलते ही करंजी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए DDRF (डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम को भी बुलाया गया। टीम द्वारा नाव और अन्य उपकरणों की मदद से बांध के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गोताखोरों की सहायता से भी लापता ग्रामीणों की तलाश की जा रही है।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक तीनों ग्रामीणों का कोई पता नहीं चल सका था। प्रशासन ने कहा है कि तलाश अभियान लगातार जारी रहेगा और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों और बांधों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध में इस तरह की घटनाएं पहले भी चिंता का कारण बनी हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग जोखिम उठाने से नहीं बचते। फिलहाल पूरे इलाके में बेचैनी का माहौल है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर लापता तीन ग्रामीणों का कोई सुराग कब तक मिल पाता है।

