बलरामपुर : संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने किया सिविल अस्पताल वाड्रफनगर का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर जताई नाराजगी,
नरेंद्र मिश्रा सरगुजा/बलरामपुर,
सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने गुरुवार 18 जून 2026 को शाम 7 बजे 100 बिस्तर सिविल अस्पताल वाड्रफनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डॉ. शुक्ला ने अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं, फार्मेसी, प्रयोगशाला, एक्स-रे विभाग, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) तथा स्टाफ ड्यूटी रोस्टर का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की भी समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि “जनता के स्वास्थ्य और उपचार से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करना होगा।”
कमियों पर जताई नाराजगी,
निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालन में कुछ छोटी-बड़ी कमियां और कार्यप्रणाली संबंधी खामियां सामने आईं। इस पर संयुक्त संचालक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत दीक्षित को सभी कमियों का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार लाने और आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा।
लंबे अवकाश पर रोक लगाने के निर्देश,
अस्पताल की नियमित एवं सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से डॉ. शुक्ला ने नियम विरुद्ध एवं अनावश्यक रूप से लंबे अवकाश पर रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर तत्काल नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई,
संयुक्त संचालक ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा ड्यूटी के प्रति लापरवाही, उदासीनता अथवा कार्य में ढिलाई बरती जाती है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एवं कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सोलर पावर सिस्टम सुधारने के निर्देश,
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित सोलर पावर बैकअप सिस्टम के बंद पाए जाने और बिजली कटौती के समय जनरेटर पर निर्भरता की स्थिति सामने आई। इस पर डॉ. शुक्ला ने संबंधित एजेंसी क्रेडा (CREDA) को पत्राचार कर सोलर सिस्टम को शीघ्र चालू कराने तथा इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलरामपुर को भी अवगत कराने के निर्देश दिए।
अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर,
निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी मिली कि कुछ असामाजिक तत्व शराब के नशे में अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न करते हैं, जिससे मरीजों एवं कर्मचारियों को परेशानी होती है और अस्पताल की छवि प्रभावित होती है। इस पर संयुक्त संचालक ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभारी अधिकारी को अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस सहायता एवं अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था के लिए तत्काल पुलिस प्रशासन से पत्राचार करने तथा इसकी जानकारी उच्च कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर,
निरीक्षण के अंत में डॉ. शुक्ला ने कहा कि अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए गुणवत्ता पूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं, ताकि आम जनता का स्वास्थ्य विभाग पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

