सूरजपुर।जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र में एक जीवित महिला को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर जमीन का नामांतरण एवं रजिस्ट्री कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में झिलमिली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार, हल्का पटवारी समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

झिलमिली थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 0185/2026 के अनुसार पूरा मामला ग्राम करकोटी स्थित भूमि से जुड़ा हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रोल कुमारी देवी को राजस्व अभिलेखों में मृत दर्शाने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके आधार पर उनकी भूमि का नामांतरण कराकर बाद में संबंधित भूमि की रजिस्ट्री भी करा दी गई। शिकायत के अनुसार यह पूरा कृत्य जमीन हड़पने की नीयत से सुनियोजित तरीके से किया गया।

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में वीरेंद्रनाथ दुबे (पिता- स्व. रोहेश्याम दुबे, निवासी ग्राम कोयलरी, थाना झिलमिली, जिला सूरजपुर), संजय कुमार राठौर (तत्कालीन तहसीलदार, भैयाथान, पिता- श्री के.आर. राठौर), एंजलिना भगत (तत्कालीन हल्का पटवारी, पिता- बलशरण भगत, निवासी अजीरमा, अंबिकापुर) तथा कमलेश दुबे (पिता- वीरेंद्रनाथ दुबे, निवासी ग्राम कोयलरी, थाना झिलमिली, जिला सूरजपुर) को आरोपी बनाया गया है।

एफआईआर के अनुसार शिकायत एवं उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के दौरान राजस्व अभिलेख, कथित मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांतरण आदेश तथा रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच में प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में परिवर्तन कर भूमि का नामांतरण एवं रजिस्ट्री किए जाने के आरोप पाए जाने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

झिलमिली पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है तथा आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उक्त समाचार झिलमिली थाना में दर्ज एफआईआर एवं उपलब्ध दस्तावेजों में वर्णित आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। आरोपों का अंतिम सत्यापन पुलिस विवेचना एवं न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।


