बलरामपुर। अपने गृह क्षेत्र सनावल पहुंचे छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सरकारी योजना या निर्माण कार्य में गुणवत्ताविहीन काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
साइकिल वितरण योजना में गुणवत्ता पर मंत्री सख्त
कृषि मंत्री ने साइकिल वितरण योजना में कुछ स्थानों पर गड़बड़ी की शिकायत मिलने की बात कही। उन्होंने मंच से अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन एक साइकिल पर करीब 4 हजार रुपये खर्च कर रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण साइकिल ही वितरित की जानी चाहिए।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि साइकिल की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Iran-US Conflict : ईरानी सेना प्रमुख का बड़ा दावा, अमेरिकी सैनिकों पर इनाम की घोषणा से मचा हड़कंप
‘गुणवत्ताहीन काम मिला तो होगी कार्रवाई’
रामविचार नेताम ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ जनता तक सही तरीके से पहुंचना चाहिए। किसी भी कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी कार्य को लेकर शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों की मनमानी पर भी जताई नाराजगी
कृषि मंत्री ने निजी स्कूलों से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के लिए भी शासन ने नियम तय किए हैं और नियम सभी के लिए समान हैं।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायत मिलने पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
शिक्षा विभाग को शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने कहा कि अभिभावकों और विद्यार्थियों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।
मंत्री की अधिकारियों को दो टूक
रामविचार नेताम ने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जनता से जुड़ी शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।

