उद्योग से शिक्षा, बिजली से व्यापार तक बड़े फैसलों पर लगी मुहर, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
चंद्रिका कुशवाहा,रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों का सीधा असर उद्योग, व्यापार, शिक्षा, बिजली व्यवस्था, कर प्रणाली और आम नागरिकों पर पड़ेगा। सरकार ने इन निर्णयों को निवेश, सुशासन और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
कैबिनेट ने बिजली भुगतान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। इससे केंद्रीय विद्युत उपक्रमों को समय पर भुगतान होगा और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए नियमों को मंजूरी दी गई है। अब विश्वविद्यालयों में अधोसंरचना, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं को नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप विकसित करना अनिवार्य होगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े नए विधेयक को भी स्वीकृति दी गई। इसमें स्व-प्रमाणीकरण, डीम्ड परमिशन, जोखिम आधारित निरीक्षण तथा अनावश्यक लाइसेंस प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।
कैबिनेट ने जीएसटी और वैट कानूनों में संशोधन, बस्तर फाइटर्स के भर्ती एवं सेवा नियमों में बदलाव, नवा रायपुर अटल नगर के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना, भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन तथा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन विधेयक को भी मंजूरी प्रदान की।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जल प्रदूषण संबंधी संशोधन अधिनियम लागू करने की दिशा में भी निर्णय लिया गया। वहीं राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने को भी हरी झंडी दी गई।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में निवेश का माहौल मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और छत्तीसगढ़ विकास की नई गति के साथ आगे बढ़ेगा।

