एनएच पर मौत का जाल! अंधेरे में खड़े ट्रक ने छीनी एसईसीएल कर्मी की जिंदगी, बिना चेतावनी संकेत पार्किंग पर उठे बड़े सवाल..
चंद्रिका कुशवाहा,सूरजपुर
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार शाम शशिपुर के पास सड़क पर बिना किसी चेतावनी संकेत, पार्किंग इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के खड़े ट्रक ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। एसईसीएल बिश्रामपुर की केतकी खदान में फोरमैन के पद पर कार्यरत सुशांत मंडल (59)की बाइक ट्रक के पीछे जा टकराई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, सुशांत मंडल अपनी होंडा शाइन बाइक से अंबिकापुर स्थित निर्माणाधीन मकान देखने जा रहे थे। शाम करीब 7:30 बजे शशिपुर स्थित डीजे ट्रांसपोर्ट एंड वेयरहाउसिंग गोदाम के पास उनकी बाइक सड़क पर असुरक्षित ढंग से खड़े ट्रक सीजी-22 एजे-4331 से पीछे से जा भिड़ी।
पुलिस के मुताबिक, कोयला लेकर जा रहे ट्रक का डीजल खत्म होने के बाद उसमें एयर आ गई थी। चालक ने ट्रक को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही खड़ा कर दिया, लेकिन पीछे किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड, पार्किंग लाइट, रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा संकेत नहीं लगाया। अंधेरा होने के कारण बाइक सवार को ट्रक दिखाई नहीं दिया और हादसा हो गया।
बताया गया कि मृतक ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और जयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक सुशांत मंडल मूलतः सिलफिली के निवासी थे और वर्तमान में बिश्रामपुर के मंगतराम चौक स्थित वन-बी कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद स्थानीय मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनकी दोनों बेटियों भाव्या और सृष्टि ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खराब वाहनों को बिना सुरक्षा संकेतों के खड़ा करने वालों पर सख्ती कब होगी? सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी आखिर कब तक लोगों की जान लेती रहेगी?

