नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बढ़ते दबाव और खेल के व्यवसायीकरण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अपने हालिया कॉलम में उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है।
गावस्कर ने कहा कि आज के दौर में प्रसारण अधिकारों और व्यावसायिक हितों के चलते मैचों के समय और प्रारूप तय किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि फीफा विश्व कप और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में भी टीवी नेटवर्क अपने प्राइम टाइम के हिसाब से मैचों की टाइमिंग तय करवाने की कोशिश करते हैं।
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उन्होंने कहा कि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित फीफा विश्व कप में भी प्रसारण कंपनियों का प्रभाव साफ दिखाई देता है, जहां मैचों के दौरान अतिरिक्त ब्रेक और शेड्यूल में बदलाव दर्शकों और विज्ञापनदाताओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।
गावस्कर के मुताबिक, क्रिकेट में भी अब यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जहां खिलाड़ियों के प्रदर्शन से ज्यादा व्यावसायिक पहलुओं को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि लगातार क्रिकेट खेलने, यात्रा करने और अलग-अलग टूर्नामेंट में भाग लेने से खिलाड़ियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
पूर्व कप्तान ने स्पष्ट कहा कि किसी भी खेल का सबसे अहम हिस्सा खिलाड़ी होते हैं और उनके स्वास्थ्य तथा प्रदर्शन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने क्रिकेट प्रशासकों से अपील की कि खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और पर्याप्त आराम को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।
गौरतलब है कि Board of Control for Cricket in India (BCCI) सहित दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स के सामने व्यस्त कैलेंडर और बढ़ते टूर्नामेंट्स के बीच खिलाड़ियों के संतुलन को बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
गावस्कर के इस बयान के बाद खेल जगत में खिलाड़ियों के हितों और क्रिकेट के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।

