नई दिल्ली। भगवान Shiva के परम भक्त और वाहन नंदी महाराज को शिवभक्ति का प्रतीक माना जाता है। हर शिव मंदिर में भगवान शिव के सामने नंदी विराजमान रहते हैं, जो अटूट श्रद्धा, समर्पण और सेवा का संदेश देते हैं। मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने से पहले नंदी महाराज को खुश करना आवश्यक होता है।
आज हम आपको देश के उन प्रमुख मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जहां नंदी महाराज की विशाल और अद्भुत प्रतिमाएं स्थापित हैं—
महानंदीश्वर स्वामी मंदिर (आंध्र प्रदेश)
आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित महानंदीश्वर स्वामी मंदिर नल्लामाला पहाड़ियों के बीच बसा है। यह मंदिर अपनी दक्षिण भारतीय वास्तुकला और पवित्र जलकुंड ‘कल्याणी’ के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा अत्यंत भव्य और श्रद्धा का केंद्र है।
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लेपाक्षी मंदिर (आंध्र प्रदेश)
आंध्र प्रदेश का लेपाक्षी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहां स्थित नंदी महाराज की प्रतिमा दुनिया की सबसे बड़ी नंदी मूर्तियों में गिनी जाती है। यह प्रतिमा करीब 27 फीट लंबी और 15 फीट ऊंची है, जिसे ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है।
बृहदीश्वर मंदिर (तमिलनाडु)
तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित Brihadeeswarar Temple चोल कालीन भव्य वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। यहां स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा करीब 13 फीट ऊंची और 16 फीट चौड़ी है, जिसे एक ही पत्थर से बनाया गया है।
चामुंडी हिल्स का नंदी (कर्नाटक)
कर्नाटक के मैसूर में चामुंडी पहाड़ियों पर स्थित नंदी की विशाल प्रतिमा करीब 16 फीट ऊंची और 24 फीट लंबी है। यह देश की प्रमुख बड़ी नंदी प्रतिमाओं में शामिल है और इसे डोड्डा देवराज वोडेयार ने बनवाया था।
बुल टेंपल (बेंगलुरु)
बेंगलुरु का प्रसिद्ध बुल टेंपल नंदी महाराज को समर्पित है। यहां की प्रतिमा करीब 20 फीट ऊंची है और इसे ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है। स्थानीय मान्यता है कि यह प्रतिमा समय के साथ बढ़ती जा रही है।
यागंती का नंदी (आंध्र प्रदेश)
आंध्र प्रदेश का यागंती मंदिर अपनी रहस्यमयी नंदी प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां की नंदी प्रतिमा लगातार आकार में बढ़ रही है। यह मंदिर विजयनगर साम्राज्य के समय निर्मित माना जाता है।
गंगईकोंड चोलपुरम का नंदी (तमिलनाडु)
तमिलनाडु के गंगईकोंड चोलपुरम मंदिर में स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा करीब 13 फीट ऊंची है। यह चोलकालीन वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।
नंदी महाराज का महत्व
हिंदू धर्म में नंदी महाराज को धर्म, भक्ति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु मानते हैं कि नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहने से वह सीधे भगवान शिव तक पहुंचती है।
इस प्रकार, देशभर में स्थित ये विशाल नंदी प्रतिमाएं न केवल आस्था का केंद्र हैं, बल्कि भारतीय कला और स्थापत्य की महान परंपरा को भी दर्शाती हैं।

