बलरामपुर।
रघुनाथनगर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ तक फैले शराब तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को मध्यप्रदेश के बैढ़न से अवैध शराब लेकर एक बोलेरो वाहन छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा था। तुगवा अंतर्राज्यीय बैरियर पर तैनात जवानों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने बैरियर को टक्कर मारते हुए जवानों की जान जोखिम में डालकर वाहन भगा दिया। सूचना मिलते ही रघुनाथनगर थाना एवं बलांगी चौकी पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस दबाव बढ़ने पर चालक रघुनाथनगर से पहले एक बंद पेट्रोल पंप के पास दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो और शराब की खेप छोड़कर फरार हो गया।
मामले में बलांगी चौकी एवं रघुनाथनगर थाना में अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक वैभव वेंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही।साइबर जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी देवनंदन कुशवाहा (25) निवासी हरदी बड़ा, थाना रघुनाथनगर, घटना के बाद झारखंड के गढ़वा जिले में अपने ससुराल में छिपा हुआ है। पुलिस ने दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बोलेरो वाहन शराब तस्करी के लिए खरीदा था और मध्यप्रदेश के बैढ़न स्थित कचनी शराब भट्टी से 94 हजार रुपये का भुगतान कर शराब लोड कराया था। यह खेप सूरजपुर जिले के रेवटी निवासी एक व्यक्ति को पहुंचाई जानी थी।
जांच में सामने आया कि शराब की आपूर्ति बैढ़न स्थित शराब भट्टी से की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भट्टी के मैनेजर मृत्युंजय जायसवाल (29) निवासी साहिबगंज, झारखंड को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने शराब बिक्री और भुगतान की पुष्टि की।दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उन्हें रामानुजगंज जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शराब तस्करी के अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
