बलरामपुर/रामानुजगंज।
बलरामपुर जिले के नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापुरे ने गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रामानुजगंज में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में सुधार को अपनी प्राथमिकता बताया। नरेंद्र निरापुरे जिले के 50वें जिला शिक्षा अधिकारी बने हैं।
प्रभारी डीईओ ने कहा कि जिले में विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को बेहतर करने पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में जिले का परीक्षा परिणाम लगभग 80 से 85 प्रतिशत के बीच रहा है। अब इसे 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विद्यालयों में नियमित अध्यापन, विद्यार्थियों की पढ़ाई की निगरानी तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
विषयवार होगी परिणाम की समीक्षा
नरेंद्र निरापुरे ने कहा कि बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। स्कूलों में पढ़ाई की नियमित मॉनिटरिंग के साथ विषयवार विद्यार्थियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। जिन विषयों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा, वहां सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होगी।
मनीराम यादव के स्थान पर मिली नई जिम्मेदारी
गौरतलब है कि इससे पहले बलरामपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी का दायित्व मनीराम यादव के पास था। हाल ही में हुए स्थानांतरण के बाद मनीराम यादव को अंबिकापुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था, जिसे लेकर विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया चली।अब नरेंद्र निरापुरे के सामने जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की चुनौती है। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, परीक्षा परिणाम को 90 प्रतिशत से अधिक तक ले जाना, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान और स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगी।

