वाड्रफनगर मे आधी रात… शहर में किसकी हुई दस्तक..? नींद में डूबे लोगो मे अचानक मचा चीख-पुकार… रिहायशी इलाकों में घुसकर मचाया उत्पात।समाज के लिए चेतावनी हैं बढ़ते यौन अपराध,आत्ममंथन का समय,हर मोचे को पुलिस या प्रशासन सम्भाले कहा तक सही?रायपुर
बलरामपुर जिले के शिक्षा विभाग में लंबे समय से चर्चा में रहे प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव को आखिरकार DEO पद से हटा दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय से जारी आदेश के बाद मनीराम यादव को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के दायित्व से मुक्त कर उनके मूल पद पर भेज दिया गया है। वहीं नरेंद्र कुमार को बलरामपुर का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है।
मनीराम यादव के खिलाफ करीब 4.5 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के बाद यह कार्रवाई सामने आई है। मामले को लेकर जिला स्तर पर जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की बात पहले से सामने आती रही थी। अब शासन स्तर से प्रभारी DEO के पद से हटाए जाने के बाद शिक्षा विभाग में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जांच के बाद शासन स्तर पर बड़ा फैसला
बताया जा रहा है कि मनीराम यादव के कार्यकाल के दौरान सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायतों के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े गंभीर बिंदु सामने आने की बात कही गई थी। इसके बाद रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को भेजी गई थी।
अब मंत्रालय से जारी आदेश में मनीराम यादव को प्रभारी DEO के पद से हटाकर मूल पद पर भेज दिया गया है। उनकी जगह नरेंद्र कुमार को बलरामपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा विभाग में बदली तस्वीर
DEO पद से मनीराम यादव की विदाई के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षा जगत में इसकी व्यापक चर्चा है।हालांकि, 4.5 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता से जुड़े आरोपों और जांच के अंतिम दायित्व/दंडात्मक कार्रवाई की स्थिति को शासन के आदेश एवं जांच दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम रूप से स्पष्ट माना जाना चाहिए।
हालांकि मनीराम यादव का पूर्ववर्ती कार्यकाल विवादों से भरा रहा है प्रमोशन से लेकर प्रभार तक सभी पर अभी तक प्रश्न वाचक चिन्ह लगा है हालांकि बलरामपुर जिले में दस्थापना के बाद लगातार मनीराम यादव शिक्षा विभाग पर नियम विरुद्ध तरीके से कार्य करते नजर आए हैं और विरोधाभासी निर्णय भी लिया है यही कारण है कि पूरे जिले में शिक्षकीय आतंक का पर्याय बन चुके थे फिलहाल बलरामपुर जिले से उक्त भ्रष्ट अधिकारी की छुट्टी की जा चुकी है।

