सूरजपुर कोतवाली के सामने तेज रफ्तार का कहर, डिवाइडर से टकराई सेल्टोस कार; 10 महिला मजदूर थीं सवार, बड़ा हादसा टला
चंद्रिका कुशवाहा /शशांक दुबे,सूरजपुर
शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले इलाके, सूरजपुर कोतवाली के ठीक सामने बुधवार को तेज रफ्तार का खतरनाक नज़ारा देखने को मिला। ग्राम करमपुर निवासी प्यारे मोहन चेरवा की सेल्टोस कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डिवाइडर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क किनारे लगा खंभा भी गिर पड़ा। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार ग्राम करमपुर निवासी प्यारे मोहन चेरवा, पिता ननकुराम चेरवा अपनी सेल्टोस कार से गांव की करीब 10 महिला मजदूरों को लेकर बैकुंठपुर गए थे। सभी महिलाएं उनके भाई के ससुराल में धान रोपाई का कार्य करने गई थीं। कार्य समाप्त होने के बाद सभी लोग वापस अपने गांव करमपुर लौट रहे थे। इसी दौरान जब वाहन सूरजपुर शहर के कोतवाली के सामने पहुंचा, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार काफी तेज रफ्तार में थी। टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। डिवाइडर टूट गया और सड़क किनारे लगा खंभा भी धराशायी हो गया। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े और कार में सवार लोगों की मदद की। घटना के कारण कुछ समय तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात को व्यवस्थित कराया, क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कार में सवार सभी महिला मजदूर सुरक्षित बताई जा रही हैं। हालांकि वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है।

पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही, वाहन पर नियंत्रण खोने या किसी अन्य कारण से हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्र और कोतवाली के सामने हुई इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बेलगाम रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के मुख्य मार्गों पर तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

