वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: अंतरराज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार…
3 नग हाथी दांत बरामद, झारखंड और छत्तीसगढ़ के तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में,
नरेंद्र मिश्रा, बलरामपुर-रामानुजगंज,
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन नग हाथी दांत (गजदंत) बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वनपरिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, छत्तीसगढ़ के निर्देश एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में वन अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 3 अगस्त 2026 को वन विभाग को सूचना मिली कि रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम आमगांव धंधशाला में अवैध रूप से हाथी दांत की खरीद-बिक्री की जा रही है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग एवं वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बताए गए स्थान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक मकान से तीन नग हाथी दांत बरामद किए गए। मौके पर मौजूद तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के पलामू जिले के नवाबाजार थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा, रामानुजगंज निवासी अर्जुन कुमार गुप्ता तथा सोनेंद्र कुमार एक्का शामिल हैं। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 तथा भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है और यह पता लगाया जा रहा है कि हाथी दांत कहां से लाए गए थे तथा इन्हें किसे बेचने की तैयारी थी। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
वनमंडलाधिकारी बलरामपुर (डीएफओ) आलोक कुमार बाजपेई ने बताया कि :
“वन विभाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान तीन हाथी दांत बरामद किए गए तथा तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की तस्करी एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है तथा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
वन विभाग की इस कार्रवाई को प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों और उनके अंगों की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।

