CG RTE Admission 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन आवेदन और प्रवेश की रफ्तार अब भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में सीटें अभी भी खाली हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग के सामने निर्धारित सीटों को भरना बड़ी चुनौती बन गया है। यदि शेष सीटों पर समय रहते प्रवेश नहीं हो पाया, तो इस वर्ष भी हजारों बच्चों को आरटीई का लाभ मिलने से वंचित रहना पड़ सकता है।
रायपुर में 740 सीटें अब भी रिक्त
आंकड़ों के अनुसार, रायपुर जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 3,201 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से अब तक 2,461 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है, जबकि 740 सीटें अभी भी खाली हैं। यह स्थिति बताती है कि अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद बड़ी संख्या में पात्र अभिभावकों ने अब तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
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इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी हजारों सीटें रिक्त बताई जा रही हैं।
राज्यभर में आवेदन की रफ्तार धीमी
अधिकारियों के अनुसार, इस बार कई जिलों में आवेदन अपेक्षा से कम प्राप्त हुए हैं। कुछ अभिभावकों ने दस्तावेजों की कमी, जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से आवेदन नहीं किया, जबकि कई मामलों में चयन के बाद भी निर्धारित समय में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
शिक्षा विभाग लगातार अभिभावकों से समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अपील कर रहा है।
क्या है RTE योजना?
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार दिया जाता है। इस योजना के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
योजना का लाभ पाने के लिए पात्र अभिभावकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है और चयन के बाद संबंधित स्कूल में प्रवेश लेना होता है।
अभिभावकों से जल्द आवेदन और प्रवेश की अपील
शिक्षा विभाग ने पात्र अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन एवं प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करें। जिन अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर सीटें रिक्त रह सकती हैं और पात्र बच्चे योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।

