नई दिल्ली: Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप लगाने वाले भाजपा सदस्य विग्नेश शिशिर को पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्हें सोमवार को सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
विग्नेश शिशिर ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि उन्हें सीबीआई कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि, उन्होंने मामले पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
12 मई को हुई थी बंद कमरे में सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 12 मई को इस मामले की करीब दो घंटे तक इन-कैमरा (बंद कमरे में) सुनवाई की थी। इसके बाद 14 मई को जारी आदेश में अदालत ने बताया था कि सीबीआई को याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और एजेंसी निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब अदालत में दाखिल करेगी।
याचिका में क्या लगाए गए हैं आरोप?
Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case में याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में इस पूरे मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग की गई है।
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हाईकोर्ट ने कई विभागों से भी मांगा जवाब
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि शिकायत प्राप्त हुई है, तो आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन किया जा सकता है। अदालत ने सीबीआई और ईडी के साथ-साथ केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय तथा गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को भी नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी
मामला अभी न्यायालय में लंबित है और जांच एजेंसियां अदालत के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर रही हैं। अभी तक राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर किसी अदालत या जांच एजेंसी द्वारा अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। ऐसे में मामले की आगामी सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजर बनी हुई है।

