सरगुजा संभाग में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सखौली के व्याख्याता मुकेश उपाध्याय व बलरामपुर जिले के निवासी ने वाणिज्य एवं प्रबंधन के अंतर्गत आईएसबीएम यूनिवर्सिटी, गरियाबंद (छत्तीसगढ़) से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के हितग्राहियों के आर्थिक विकास में योगदान विषय पर अपना शोध पूर्ण कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।डॉ मुकेश उपाध्याय मूलतः वाड्रफनगर विकाशखंड के ग्राम नवली सरना के निवासी है उनके पिता भी सेवा निवृत प्रधान पाठक है।

उनके शोध में मनरेगा के तहत ग्रामीण हितग्राहियों को मिलने वाले लाभ, रोजगार एवं आय के अवसर तथा योजना का ग्रामीणों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों का सूक्ष्म अध्ययन किया गया है। शोध को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नीति निर्धारण के लिहाज से महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया गया है।
डॉ. मुकेश उपाध्याय ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शोध निर्देशक डॉ. अमित वर्मा, माता-पिता एवं धर्मपत्नी सहित हॉली क्रॉस विमेंस कॉलेज के वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद गर्ग को दिया है।उनकी सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, प्राचार्य श्रीमती नेली अनिता कुजूर, शिक्षक-शिक्षिकाओं, सहकर्मियों, विद्यार्थियों, परिजनों, मित्रों, ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।डॉ. उपाध्याय की यह उपलब्धि न केवल उनके वर्षों के परिश्रम, अध्ययन एवं शोध के प्रति समर्पण को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण विकास एवं रोजगार से जुड़े विषयों पर अकादमिक शोध के महत्व को भी रेखांकित करती है।


