स्कूल से गैरहाजिरी और प्रभार पर भी उठे सवाल,फिर शिक्षा विभाग ने कर दिया बड़ा एक्शन, शिक्षक निलंबित…
बलरामपुर,
लंबे समय से मिल रही शिकायतों, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की लगातार अवहेलना, संकुल केंद्र का प्रभार नहीं सौंपने, विद्यालय में समय पर उपस्थित नहीं होने तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोपों के बाद आखिरकार शिक्षा विभाग ने वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धनजारा में पदस्थ एलबी शिक्षक **सुरेन्द्र सिंह परस्ते** को निलंबित कर दिया है। संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा 2 जुलाई 2026 को निलंबन आदेश जारी किया गया।

जानकारी के अनुसार, शिक्षक सुरेन्द्र सिंह परस्ते के विरुद्ध वर्ष 2024 से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उस समय वे संकुल केंद्र रामनगर के संकुल समन्वयक थे। शिक्षकों द्वारा लगाए गए आरोपों में कार्यालयीन कार्यों में सहयोग नहीं करना तथा संकुल संचालन में बाधा उत्पन्न करना शामिल था। जांच के बाद उन्हें संकुल समन्वयक के पद से हटाकर दूसरे शिक्षक को जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।
इसके बावजूद नए संकुल समन्वयक को वित्तीय अभिलेख, कैशबुक, बिल-वाउचर, मूल रसीदें एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों सहित संपूर्ण प्रभार नहीं सौंपा गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कई बार पत्र जारी कर प्रभार हस्तांतरित करने और सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि केवल आंशिक प्रभार ही सौंपा गया था।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 24 जून 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर शिक्षक से सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक एवं साक्ष्ययुक्त जवाब मांगा था। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच 18 मई 2026 को गठित जांच दल ने भौतिक सत्यापन किया, जिसमें संपूर्ण प्रभार हस्तांतरण नहीं होने की पुष्टि हुई। वहीं सुशासन तिहार-2026 के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति एवं ग्रामीणों ने भी शिक्षक को विद्यालय से हटाने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। शिकायतों में विद्यालय का वातावरण खराब करना, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से अनावश्यक विवाद करना ।
जांच में यह भी पाया गया कि शिक्षक विद्यालय में निर्धारित समय तक नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे थे, जिससे अध्ययन-अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा था। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना।
कारण बताओ नोटिस, जांच प्रतिवेदन एवं प्राप्त शिकायतों पर विचार करने के बाद संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत शिक्षक सुरेन्द्र सिंह परस्ते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। शिक्षक पर हुई इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा अनुशासनहीनता और शासकीय आदेशों की अवहेलना के मामलों में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

