सूरजपुर में कलयुगी पुत्र का खौफनाक चेहरा आया सामने: बहू की एक शिकायत… और बेटे ने उठा लिया ऐसा कदम कि कांप उठे लोग, पिता की चीखें सुनते रहे लोग, लेकिन नहीं पसीजा बेटे का दिल, तड़पते हुए बुजुर्ग की चली गई जान
चंद्रिका कुशवाहा,सूरजपुर
रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से सामने आई है। जिस पिता ने अपने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, जीवनभर उसके भविष्य के लिए संघर्ष किया, उसी बेटे ने गुस्से में ऐसी क्रूरता दिखाई कि सुनने वालों की रूह कांप उठी। पत्नी को डांटने की बात से नाराज कलयुगी पुत्र ने अपने ही बुजुर्ग पिता को रस्सियों से पैर से लेकर सिर तक बांध दिया। बेबस पिता दर्द से तड़पता रहा, चीखता रहा, लेकिन बेटे का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बकिरमा गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक फहरदास अपने पुत्र हेमचरण दास को अक्सर घर-परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर समझाइश देते थे। घटना वाले दिन भी उन्होंने अपनी बहू को किसी बात पर डांट दिया था। बहू ने फोन कर पूरी बात अपने पति को बताई, जिसके बाद आरोपी गुस्से से आगबबूला होकर घर पहुंचा।
ग्रामीणों के अनुसार घर पहुंचते ही हेमचरण ने अपने पिता को पकड़ लिया और रस्सियों से इस कदर बांधा कि वे हिल भी नहीं सके। बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े और किसी तरह उन्हें रस्सियों से मुक्त कराया। लेकिन आरोपी का गुस्सा यहीं नहीं थमा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसने ग्रामीणों को धमकाकर वहां से भगा दिया और दोबारा अपने पिता को बांध दिया।
घटना के बाद बुजुर्ग की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक पिता की मौत के साथ ही पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि आखिर कोई बेटा अपने पिता के साथ इतनी अमानवीय हरकत कैसे कर सकता है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता किस दिशा में जा रही है, जहां छोटी-सी बात पर बेटा अपने पिता का ही दुश्मन बन बैठता है।
गांव में एक ही चर्चा है— यह हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और मानवता की भी हत्या है।

