लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड लखनऊ। अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें देशभर के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच कराने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
नोएडा निवासी एवं पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने आयोग में शिकायत दायर करते हुए कहा कि लखनऊ का यह अग्निकांड कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इस तरह की कई दुखद घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आयोग ने शिकायत को स्वीकार करते हुए इसे डायरी संख्या 14383/IN/2026 के तहत दर्ज कर लिया है।
डॉ. गुप्ता ने अपनी शिकायत में पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 27 जुलाई 2024 को दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में जलभराव की घटना में तीन छात्रों की जान चली गई थी। वहीं, 26 मई 2019 को अहमदाबाद में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 22 छात्रों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बावजूद सुरक्षा मानकों में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
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शिकायत में कहा गया है कि देशभर में बड़ी संख्या में छात्र ऐसे कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं, जहां अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, उचित वेंटिलेशन और अन्य आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं का गंभीर अभाव है। कई संस्थान संकरे और बंद कमरों में संचालित हो रहे हैं, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में छात्रों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
डॉ. गुप्ता ने यह भी बताया कि उन्होंने पूर्व में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर आयोग का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बार उन्होंने आयोग से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने, नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने और दोषी संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत में लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों, जिनमें मयंक गुप्ता सहित 15 छात्रों का उल्लेख है, को न्याय दिलाने की अपील की गई है। साथ ही देशभर के छात्रों के जीवन और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
यह हादसा न केवल कोचिंग संस्थानों की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। अब देखना होगा कि NHRC इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार हो पाता है।

