सूरजपुर : सिर्फ योग दिवस नहीं… योग दिवस पर सामने आई प्रतापपुर की अनोखी तस्वीर, योग को बनाया जीवन का अभिन्न हिस्सा, रोज सुबह 5 बजे जुटती हैं सैकड़ों महिलाएं
चंद्रिका कुशवाहा, सूरजपुर
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जब देशभर में योग कार्यक्रमों की गूंज सुनाई दे रही थी, तब प्रतापपुर की महिलाओं ने एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां योग दिवस का आयोजन महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि महिलाओं ने यह संदेश दिया कि योग यदि जीवन का हिस्सा बन जाए तो स्वास्थ्य और खुशहाली दोनों अपने आप साथ चलने लगते हैं।
नगर के स्थानीय सामुदायिक भवन में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में महिलाओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ विभिन्न योगासन, प्राणायाम और व्यायाम किए। योगाभ्यास के दौरान महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता साफ झलक रही थी। सामूहिक योग ने पूरे वातावरण को स्वास्थ्य और जागरूकता के रंग में रंग दिया।
प्रतापपुर की यह तस्वीर इसलिए भी खास है क्योंकि यहां योग सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं है। नगर की सैकड़ों महिलाएं प्रतिदिन सुबह 5 बजे सामुदायिक भवन में पहुंचकर नियमित योगाभ्यास करती हैं। वर्षों से चल रही यह पहल अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। महिलाओं का कहना है कि नियमित योग ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। कई महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिली है, वहीं मानसिक तनाव और थकान भी काफी हद तक दूर हुई है।
योग दिवस पर महिलाओं ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियों और तनाव के बीच योग सबसे सशक्त औषधि है। यह न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी संतुलित और शांत बनाता है। नियमित योग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति ऊर्जावान बना रहता है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने जीवन में योग को स्थान दें और प्रतिदिन कुछ समय स्वास्थ्य के लिए अवश्य निकालें। उनका मानना है कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकता है।
इस अवसर पर चंद्रमणि देवी, निहारिका, ज्योति, पूजा, दीपा, प्रियंका, अनीता रानी, नसीमा, कोमल, कविता, सीमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

