चंदौली। शराब बिक्री के निर्धारित समय को लेकर शासन के नियम भले ही सख्त हों लेकिन मुगलसराय में हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी रही।
दिलचस्प बात यह है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री के आरोप लगे थे। सवाल यह है कि यदि नियमों का उल्लंघन बार-बार हो रहा है तो कार्रवाई आखिर किसके खिलाफ हुई? या फिर कार्रवाई सिर्फ फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है?
शासन की नीति स्पष्ट है कि निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं बल्कि निगरानी व्यवस्था की विफलता भी मानी जाएगी। शहर में चर्चा है कि बिना संरक्षण के ऐसा कारोबार लंबे समय तक चल पाना आसान नहीं होता।
वहीं सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन यदि वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई है तो यह मामला सिर्फ समय सीमा उल्लंघन तक सीमित नहीं रह जाता।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक पहुंच जा रहे हैं तो जिम्मेदार विभागों की नजर वहां तक क्यों नहीं पहुंच रही? क्या नियम केवल दिखावे के लिए हैं या फिर कुछ लोगों के लिए कानून का समय भी “एक्सटेंड” हो जाता है?
निगाहे आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। देखना होगा कि वायरल वीडियो को महज सोशल मीडिया की हलचल मानकर छोड़ दिया जाता है या फिर इसकी निष्पक्ष जांच कर यह बताया जाता है कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की बोतल कौन खोल रहा है।

