पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई… गैरहाजिरी ने छीन ली नौकरी, नोटिस पर नोटिस मिले, फिर भी नहीं लौटा ड्यूटी पर! आखिर एसपी ने लिया ऐसा सख्त फैसला, विभाग में मच गई हलचल, जानिए किस वजह से एक झटके में चली गई सरकारी नौकरी..
चंद्रिका कुशवाहा,सूरजपुर
सूरजपुर पुलिस ने अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 129 दिनों तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले आरक्षक अमरदीप विश्वकर्मा को सेवा से पृथक कर दिया है। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल द्वारा विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद 31 जुलाई 2026 को यह आदेश जारी किया गया। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार आरक्षक अमरदीप विश्वकर्मा की ड्यूटी 25 जून 2025 को बंदी पेशी के लिए लगाई गई थी, लेकिन वह उस दिन से बिना सक्षम अनुमति और बिना विभाग को नियमानुसार सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित हो गया। वह 25 जून 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक लगातार 129 दिनों तक ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुआ।

इस दौरान विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया तथा ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन उसने विभागीय आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद नियमानुसार विभागीय जांच शुरू की गई और आरक्षक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया।
जांच के दौरान आरक्षक ने उपचार संबंधी कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन विभागीय जांच में यह सामने आया कि उसने लंबी अनुपस्थिति के दौरान न तो विधिवत अवकाश स्वीकृति के लिए आवेदन दिया और न ही विभाग को नियमानुसार लिखित सूचना दी। पुलिस विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना।
विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित आरक्षक का पूर्व सेवा रिकॉर्ड भी संतोषजनक नहीं था। सेवा अभिलेखों के अनुसार वह पहले भी कई बार अनाधिकृत अनुपस्थिति के मामलों में विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुका था। उसे पूर्व में अवैतनिक अवधि घोषित करने, वेतनवृद्धि रोकने सहित कई दंड दिए गए थे, लेकिन उसके व्यवहार और कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया।
इन सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने आरक्षक अमरदीप विश्वकर्मा को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया। साथ ही 25 जून 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक की 129 दिनों की अवधि को “कार्य नहीं, वेतन नहीं” के सिद्धांत के तहत अवैतनिक घोषित किया गया।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने कहा कि पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है, जहां प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी से कर्तव्यनिष्ठा, जवाबदेही और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। विभागीय नियमों का उल्लंघन, बिना अनुमति अनुपस्थित रहना और कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस सूरजपुर में अनुशासनहीनता के मामलों में भविष्य में भी निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पुलिस बल की कार्यक्षमता, अनुशासन और आम जनता का विश्वास कायम रहे।

