वाड्रफनगर में नौनिहालों की सेहत से खिलवाड़ कही बच्चों को खिलाया गया एक्सपायरी ‘रेडी टू ईट’तो कही समय से पहले ही बंद हो रहे केंद्र…
महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल,
वाड्रफनगर/बलरामपुर
जिले के वाड्रफनगर विकासखंड से नौनिहालों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र सुरहुल खास में कथित तौर पर 9 बच्चों को एक्सपायरी ‘रेडी टू ईट’ खाद्य सामग्री खिलाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जांच के दौरान केंद्र से 12 एक्सपायरी पैकेट मिलने की जानकारी सामने आई है। मामले के सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली और आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।वाड्रफनगर क्षेत्र के बसंतपुर ग्राम व फूलीडुमर क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र कोरवा पर तथा आंगनबाड़ी केंद्र धनवार निर्धारित समय से पहले ही बंद मिल रहे है जिसकी सूचना भी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को वितरित किए जा रहे ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ की कुछ पैकेटों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी पाई गई। आरोप है कि एक्सपायरी डेट वाली खाद्य सामग्री का उपयोग बच्चों को खिलाने के लिए किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी वैधता की जांच किए बिना बच्चों को इसका वितरण कैसे किया गया।
जानकारी के अनुसार, सुरहुल खास केंद्र में कुल 9 बच्चों को एक्सपायरी ‘रेडी टू ईट’ फूड खिलाए जाने की बात सामने आई है, जबकि यहाँ 12 पैकेट एक्सपायरी पाए गए। मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
वहीं, इस मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से दिया गया कथित जवाब भी चर्चा में है। कार्यकर्ता ने बताया कि उन्हें ठीक से दिखाई नहीं देता, जिसके कारण वह पैकेट पर दर्ज एक्सपायरी डेट की जांच नहीं कर सकीं। कार्यकर्ता के इस बयान के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि उन्हें देखने में परेशानी है तो खाद्य सामग्री के वितरण से पहले उसकी गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की जांच की जिम्मेदारी किसकी थी।
मासूम बच्चों को दी जाने वाली खाद्य सामग्री में इस तरह की कथित लापरवाही सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर विषय है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
फिलहाल, इस पूरे मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि विभाग द्वारा मामले की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और बच्चों को कथित तौर पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री वितरित किए जाने के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

