क्या यह सिर्फ संयोग है या इन मौतों के पीछे छिपा है कोई ऐसा राज, जो अभी सामने नहीं आया…? गांवों में दहशत, परिवारों में मातम और पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी… आखिर सच क्या है?
चंद्रिका कुशवाहा , सूरजपुर
सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर थाना क्षेत्र में 48 घंटे के भीतर आत्महत्या की तीन अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। दो माह पहले विवाहिता बनी एक युवती, 12वीं कक्षा के एक छात्र तथा 26 वर्षीय युवक के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। लगातार हुई इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि तीनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पहली घटना मोहरसोप चौकी क्षेत्र के ग्राम उमझर की है। यहां 18 वर्षीय गीता सिंह, जिसकी शादी करीब दो माह पहले हुई थी, का शव गांव में पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नवविवाहिता द्वारा यह कदम क्यों उठाया गया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
इसी गांव में दूसरी घटना सामने आई, जहां सुनील पनिका (26 वर्ष) का शव ग्राम लांजित के पास एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। युवक के आत्मघाती कदम के पीछे की वजह का भी अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
तीसरी घटना ग्राम पंचायत खोहिर की है। यहां रंगबली सिंह (19 वर्ष), जो 12वीं कक्षा का छात्र था, का शव भी गांव में पेड़ से लटका मिला। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि छात्र पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा था। हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
लगातार तीन घटनाओं ने पूरे चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने कम समय में तीन युवाओं की मौत ने सभी को चिंता में डाल दिया है। पुलिस सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है और परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी घटना के पीछे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

