रामानुजगंज। क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रामानुजगंज इकाई और विद्यालयीन विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने शैक्षणिक समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हुए तीन दिवस के भीतर कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में हायर सेकेंडरी स्कूल जामवंतपुर में हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने, स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन नहीं होने और परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी सहित कई मुद्दे उठाए गए। विद्यार्थियों का कहना है कि जरूरी पाठ्य सामग्री और शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
DEO की नियमित उपस्थिति पर भी उठाए सवाल
अभाविप जिला संयोजक विकास महतो ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रामानुजगंज में स्थित होने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी के नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वाड्रफनगर, सनावल और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण परेशानी होती है।
विकास महतो ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
3 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
अभाविप नगर मंत्री सत्यम प्रजापति ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। विद्यार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण होना चाहिए। उन्होंने शासन और प्रशासन से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
अभाविप ने ज्ञापन में शामिल सभी समस्याओं का तीन दिवस के भीतर समाधान करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन और उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर सह मंत्री अनूप पाल, कपिल विश्वास, किंकर, सूर्यकांत यादव, कृष्णा, बैजनाथ यादव सहित अभाविप के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

