बलरामपुर चन्दौरा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में वाड्रफनगर पुलिस चौकी में पदस्थ आरक्षक रामगोपाल की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से हुई इस घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। आरक्षक के असमय निधन की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों और सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार आरक्षक रामगोपाल ने देर रात रात्रि गश्त की ड्यूटी की थी। सुबह करीब 5 बजे पुलिस टीम के साथ वाड्रफनगर चौकी लौटने के बाद वे अपने कमरे की ओर गए। इसके बाद विभागीय कार्य के सिलसिले में प्रतापपुर की ओर रवाना हुए थे। प्रतापपुर से वापस वाड्रफनगर लौटते समय चन्द्रोरा थाना क्षेत्र में उनका वाहन तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गया।

हादसा इतना भीषण था कि आरक्षक रामगोपाल की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे की खबर पुलिस चौकी तक पहुंचते ही पूरे स्टाफ में मातम का माहौल बन गया।
मिलनसार और जिम्मेदार पुलिसकर्मी थे रामगोपाल
सहकर्मियों के अनुसार आरक्षक रामगोपाल बेहद मिलनसार, सहयोगी और जिम्मेदार पुलिसकर्मी थे। अधिकारियों से लेकर साथी कर्मचारियों तक सभी के साथ उनका व्यवहार सहज और आत्मीय था। उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती थी, वे उसे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करते थे।
सहकर्मियों का कहना है कि रामगोपाल ड्यूटी को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे और किसी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते थे। उनके व्यवहार और कार्यशैली ने उन्हें पुलिस स्टाफ के बीच अलग पहचान दिलाई थी। ऐसे में उनके अचानक चले जाने से सहकर्मी भी खुद को भावनात्मक रूप से टूटता हुआ महसूस कर रहे हैं।
पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए पीछे
आरक्षक रामगोपाल के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए उनका जाना सिर्फ एक सदस्य की मौत नहीं, बल्कि जीवन के एक बड़े सहारे का अचानक छिन जाना है।
एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी के रूप में अपनी ड्यूटी निभाते हुए रामगोपाल का इस तरह असमय निधन पूरे पुलिस विभाग के लिए बड़ी क्षति है। उनके सहकर्मी नम आंखों से उन्हें याद कर रहे हैं और उनके योगदान को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

