Supreme Court’ नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। कोर्ट ने पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच कमेटी गठित की है। इस समिति में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के साथ CBI और पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पैलेट गन के इस्तेमाल और महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। इसी दौरान पैलेट गन चलाने और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सुप्रीम कोर्ट ने जांच की जिम्मेदारी एक स्वतंत्र समिति को दी है, ताकि घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।
जांच कमेटी में रिटायर्ड जज समेत अधिकारी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश, CBI के पूर्व अधिकारी और पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी।
जांच में पुलिस कार्रवाई के दौरान इस्तेमाल किए गए बल, अधिकारियों के निर्देश और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार जैसे बिंदुओं को शामिल किए जाने की संभावना है।
पैलेट गन के इस्तेमाल की होगी पड़ताल
प्रदर्शनकारियों की ओर से सबसे गंभीर आरोपों में पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला शामिल है। पैलेट गन से चोट लगने की शिकायतों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
जांच समिति यह पता लगाएगी कि क्या वास्तव में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था और यदि किया गया तो किन परिस्थितियों में और किसके आदेश पर इसका इस्तेमाल हुआ। इसके साथ ही कार्रवाई के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
महिलाओं से बदसलूकी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बदसलूकी के आरोप भी लगाए गए हैं। इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। समिति संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगी।

