बलरामपुर। जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय से शिक्षक की कथित करतूत और उसके बाद मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विद्यालय के व्यायाम शिक्षक संदीप गुप्ता पर एक छात्रा को मोबाइल पर कथित रूप से आपत्तिजनक संदेश भेजने और उस पर गलत नजर रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि छात्रा के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने शिक्षक की हरकत का विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर उसकी गतिविधियों पर विराम नहीं लगा।
परिजनों के विरोध के बाद भी नहीं थमा विवाद
बताया जा रहा है कि छात्रा से संबंधित मामले की जानकारी उसके परिजनों को लगने के बाद उन्होंने शिक्षक के सामने नाराजगी जताई थी। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक को समझाइश दिए जाने के बावजूद मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। इसके बाद छात्रा के भाई ने स्वयं विद्यालय पहुंचकर शिक्षक से बातचीत करने और मामले की वास्तविकता जानने का प्रयास किया।
बातचीत के बजाय मारपीट का आरोप
आरोप है कि विद्यालय में 15 अगस्त के दिन बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और शिक्षक तथा उसके समर्थकों ने छात्रा के भाई के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि युवक को लोहे की रॉड से पीटा गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शिक्षक पर आरोपों से उठे कई सवाल
एक ओर शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ कथित अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रा के भाई के साथ कथित मारपीट की घटना ने विद्यालय की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि शिक्षक के खिलाफ पहले ही छात्रा के परिजनों द्वारा आपत्ति जताई गई थी, तो विद्यालय स्तर पर मामले को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

पुलिस जांच के बाद सामने आएगा सच
घटना की सूचना मिलने के बाद रघुनाथनगर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस द्वारा छात्रा के कथित मोबाइल संदेश, मारपीट की घटना, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्रा से संबंधित आरोपों और युवक के साथ मारपीट में किन लोगों की भूमिका रही।
फिलहाल मामले ने शिक्षा जगत में भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहीं शिक्षक पर इस तरह के गंभीर आरोप लगना बेहद चिंताजनक है। अब निगाहें पुलिस जांच और विद्यालय प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

